20 July, 2016

कैसे काम करते है वायरस


सुनने में भले ही यह अजीब लगे परन्तु यह सूचना युग का अजूबा ही है। जहॉं एक ओर वायरस हमें असुरक्षिता को सहजता के साथ उजागर करते है वहीं दूसरी ओर यह भी प्रदर्शित करते हैं कि अत्यन्त परिष्कृत रूप से प्रोग्राम्ड किए गए वायरस कितना भयावह परिणाम दे सकता है। इसके प्रभाव से उत्पादकता दुष्प्रभावित होता है प्रतिदिन अरबो रूपयों की हानि हो सकती है।
उदाहरण के लिए विशेषज्ञों अनुमान लगाया कि वर्ष 2004 में मॉयडूम वर्म नामक वायरस ने मात्र एक दिन में ही लगभग 25 लाख कम्यूटरों को सक्रमित किया था। मार्च 1999 में प्रकाश में आया मलेसिया वर्म इतना घातक व प्रभावी था कि इसने माक्रोसाफ्ट तथा अन्यक कई बड़ी कम्पनियों को उनका ई-मेल सिस्टम पूर्ण रूप से तब तक बंद करने को मजबूर कर दिया जब तक उसकी पहचान एवं रोकथाम सुनिश्चित न किया जा सका। वर्ष 2000 में आया आई लब यू वायरस का प्रभाव भी बहुत कुछ इसी तरह का था। विशेषज्ञों के अनुमान अनुसार जनवरी 2007 में आए स्टार्म नामक वर्म ने 50 लाख कम्प्यूटर को अपने चपेटे में ले लिया।
सामान्यंतः पाए जाने वाले वायरस निम्नलिखित हैं-

वायरस (Virus)

वास्तव में वायरस स्वतः ही अत्यन्त छोटे सॉफ्टवेयर होते हैं, जो अन्य महत्व्पूर्ण प्रोग्राम के साथ जुड़ होते हैं। उदाहरण के लिए एक वायरस स्प्रेडशीट जैसे एक प्रोग्राम से एटैच्ड हो सकता है। जब-जब स्प्रेडशीट प्रोग्राम रन होता है तब वायरस भी सक्रिय हो जाता है इसके साथ यह सिस्टम में मौजूद अन्य प्रोग्राम को सक्रमित करके अपनी संख्या को बढ़ाता है।

ई-मेल वायरस (E-mail Virus)

इस प्रकार के वायरस ई-मेल के साथ एटैचमेन्ट के रूप में फैलते हैं तथा व्यक्ति विशेष के ई-मेल में अतिक्रमण कर उसके एड्रेस बुक में विद्यमान ई-मेल कॉन्टेक्ट के माध्यम से फैलते हैं। कुछ ई-मेल वायरस को सक्रिय होने के लिए डबल क्लिक करने की आवश्यकता भी नहीं होती यह तो मात्र उपयोगकर्ता द्वारा संक्रमित ई-मेल चेक करते समय प्रीव्यू पेन में देखने मात्र से सक्रिय हो जाते हैं।

ट्रोजन हार्स (Trojan Horse)

इस श्रेणी के वायरस एक प्रकार का कम्प्यूटर प्रोग्राम होते हैं। ऐसे प्रोग्राम एक निश्चित कार्य करने का संदेश देते हैं परन्तु सक्रिय करने पर निदेशित कार्य न कर वास्तव में आपके सिस्टम को हानि पहुँचने का कार्य करते हैं। इस प्रकार के वायरस आपका हार्ड डिस्कि भी इरेज कर देते हैं।

वर्म (Virm)

वर्म साफ्टवेयर का अत्यन्त सूक्ष्म अंश होते हैं, जो अपनी संख्या में वृद्धि करने के लिए कम्प्यूटर नेटवर्क तथा सुरक्षा खामियों का लाभ अपनी संख्या बढ़ाने के लिए करते हैं। यह नेटवर्क पर विद्यमान अन्य मशीन को खोजते हुए अन्य मशीन में भी अपनी पैठ बना लेता है। इस प्रकार यह अपनी संख्या बढ़ता रहता है।

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