01 December, 2016

Ravishankar Shrivastava - Best Blogger of the Month for November 2016


नवम्बर माह के Best Blogger of the Month रविशंकर श्रीवास्तव जी है, जिन्हें ब्लॉग-जगत में रवि रतलामी के नाम से जाना जाता है। हमारे अनुमान से शायद ही ऐसा कोई ब्लॉगर (पुराने ब्लॉगर में से) होगा जो उन्हें नहीं जानता होगा। 5 अगस्त, 1958 को जन्मे श्रीवास्तव जी रतलाम, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और उन्होंने विद्युत यांत्रिकी में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है।
रवि श्रीवास्तव जी लगभग 12 वर्षों से ब्लॉग दुनिया में सक्रिय हैं और कार्य के प्रति समपर्ण ही उनकी पहचान हैं। उनका वर्षो का यह प्रयास वास्तव में धैर्य का परिचय देता है। हमने अब तक कई ब्लॉगों का अध्ययन किया है. अधिकतर कुछ सालों बाद ही टॉय-टॉय फिस्स हो जाते हैं या उनके लेखन का शौक खत्म हो जाता है। श्रीवास्तव जी तकनीकी विषयों सहित हिंदी कविताएं, ग़ज़ल एवं व्यंग्य आदि विधाओं में लिखते हैं और उनकी रचनाएं देशभर की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं (दैनिक भास्कर, नई दुनिया, नवभारत, कादंबिनी, सरिता) में प्रकाशित हो चुकी हैं। हिंदी दैनिक चेतना तथा अहा! जिंदगी के पूर्व तकनीकी स्तंभ लेखक रह चुके हैं।
श्रीवास्तव जी ने 20 जून 2004 में ब्लॉग दुनिया में अपना पहला कदम रखा था और “रवि रतलामी का हिंदी ब्लॉग” नाम से ब्लॉग बनाया जिसे बाद में 'छींटे और बौछारें' का नाम दिया। इससे वे पूर्व याहू! जियोसिटीज में अपनी रचनाएँ ऑनलाइन प्रकाशित करते रहे थे। उस दौरान हिंदी में इंटरनेट व कंप्यूटरों पर लिखना बड़ी टेढ़ी खीर हुआ करती थी और तमाम जुगाड़ अपनाने पड़ते थे। उन्ही तमाम जुगाड़ो और प्रयासो के बाद उनकी पहली ब्लॉग पोस्ट इस प्रकार थी...

शीर्षक : मेरा पहला ब्लॉग
पोस्ट : ''वाह भई यह ब्लॉग भी क्या चीज़ है। देखें यह भिन्न ब्राउज़रों में हिंदी कैसे दिखता है। आज इतना ही''

लेकिन यह सिर्फ एक प्रयोग था, शुरूआत थी और यह प्रयोग जून के पूरे माह चलती रही। लेकिन 30 जून 2004 को उन्होंने एक पोस्ट 'इस देश का यारों क्या होगा..' शीर्षक से लिखी, इसे वास्तविक दिन मान सकते है, जब वे पूर्णतया ब्लॉग दुनिया सक्रिय हुए। तब किसे पता था यही ब्लॉगर और उसका यह ब्लॉग एक दिन सर्वाधिक पाठक वाला और जानकारीपरक ब्लॉग होगा। आज तक आपने इस ब्लॉग पर लगभग 1800 ब्लॉग पोस्ट लिख चुके है।
'छींटे और बौछारें' ब्लॉग पर आपको हिन्दी साहित्य, तकनीकी लेख, व्यंग्य और सामाजिक लेख पढ़ने को मिलेगें। उन्होंने अपने लेखन में समाज के विभिन्न मुद्दों को भी अपने ब्लॉग में स्थान दिया है और उनका समाधान देने का प्रयास भी किया है। उनके लेखों में प्रेरणा और समाज की बुराईयों को पाठक के सामने लाने का सार्थक प्रयास मिलता है। उनके ब्लॉग की अलेक्सा रैकिंग भारत में 94,653 है।

'छीटें और बौछारें' ब्लॉग को पढ़ने के लिए क्लिक करें।

इस ब्लॉग के सफल प्रयोग के बाद या कहें कि सफलता के बाद उन्होंने अगस्त 2005 में 'रचनाकार' ब्लॉग सृजित किया। जिसका उद्देश्य उन रचनाकारों को एक प्लेटफार्म प्रदान करने का था जो किसी वजह से स्वयं अपनी रचनाएं इंटरनेट पर पोस्ट नहीं कर पाते हैं। साहित्य प्रेमियों को 'रचनाकार' पर लगभग 10 हजार 900 हिन्दी साहित्य की विभिन्न विद्याओं में सृजित रचनाओं का विशाल भंडार पढ़ने को मिलेगा। साहित्य के इस विशाल भंडार में रविशंकर श्रीवास्व जी ने आलेख, उपन्यास, कविता, कहानी, गज़लें, नाटक, बाल कथा, लघुकथा, व्यंग्य, संस्करण के साथ-साथ समीक्षा और साहित्यिक गतिविधियों के समाचार भी पाठकों को उपलब्ध करा रहे हैं। वर्तमान में रचनाकार सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाली हिंदी की साहित्यिक ई-पत्रिका बन चुकी है और 'रचनाकार' की भारतीय अलेक्सा रैकिंग 57,970 है।

'रचनाकार' को पढ़ने के लिए क्लिक करें।

रविशंकर श्रीवास्तव जी के सैंकड़ों तकनीकी लेख देश की प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी पत्रिका आई.टी. तथा लिनक्स फॉर यू, नई दिल्ली में भी प्रकाशित हो चुके हैं और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के हिंदी-करण के अवैतनिक - कार्यशील सदस्यों में से हैं। इनके द्धारा गनोम व केडीई डेस्कटाप के ढेरों अनुप्रयोगों का अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद किया गया है तथा इन्हीं प्रयासों से लिनक्स का हिंदी संस्करण मिलन (http://www.indlinux.org) 0.7 जारी हो चुका है। आपने छत्तीसगढ़ी लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम व छत्तीसगढ़ी विंडोज एप्लिकेशन सूट जारी करने में प्रमुख भूमिका निभाई है।
रविशंकर श्रीवास्तव (रवि रतलामी) जी से पत्र व्यवहार करने के लिए उक्त पते पर 101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462020 करें और ई-मेल raviratlami@gmail.com पर भी संपर्क किया जा सकता है।


हमारे साथ जुड़े रहे और हम आपको अगले माह मिलवाएंगे एक नये ब्लॉगर से। यदि आप भी किसी मित्र को नॉमिनेट करना चाहते है हमें iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।

No comments:
Write टिप्पणियाँ


Blog this Week

loading...