04 February, 2017

'अभिव्यक्ति' ब्लॉग से दो रचनाएं : ब्लॉगर शुभा मेहता


हमें अभिव्यक्ति ब्लॉग से दो रचनाएं मिली है, जिसकी लेखिका और संपादक व ब्लॉगर शुभा मेहता जी है। जो सितम्बर 2013 से ब्लॉगिंग कर रही है और बचपन से ही पढ़ने की शौकीन है। शुभा जी कहती है कि मैं अपने जीवन की छोटी छोटी अनुभूतियों को कविताओं और लेखों में पिरोने की कोशिश करती हूँ।

बसंत -बहार

देखो बसंत - बहार में
अवनि ने धरा रूप नया
बन गई हरा समन्दर 
इठलाती , बलखाती
ओढ़ छतरी गगन की
झुलाती पल्लू बसन्ती 
हँसती गुनगुनाती 
पल्लू पर ओस बूँदों नें जैसे
टांक दिए हों हीरे मोती  
हुई अलंकृत फूल सरसों से 



जग जननी

हे जगजननी
वीणावादिनी
हंसवाहिनी
करते तुम्हे प्रणाम
हम सब बालक 
है अज्ञानी 
दे दो थोडा ज्ञान 
करें वन्दना 
तव चरणों में  
कर दो जग उत्थान





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