10 March, 2017

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: स्त्री होने के बावजूद...!! | आपकी सहेली


8 मार्च के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की सभी सहेलियों को असीम शुभकामनाएं...। आज इक्किसवी सदी में भी महिलाओं को उसके संघर्ष और उपलब्धियों में “स्त्री होने के बावजूद” वाले भाव का दंश झेलना पड़ता है। आपने कभी सुना है कि कोई ‘पुरुष होने की वजह’ से नाकामयाब हुआ? पुरुषों को केवल परिस्थितिजन्य अवरोध रोकते है। स्त्री को कामयाबी, पुरुषजन्य अवरोधो को पार करके ही मिलती है। इसलिए स्त्री की उपलब्धियों में ‘स्त्री होने के बावजूद’ जुड जाता है। हम आज भी पुरुषप्रधान समाज में जी रहे है इसका कटू संकेत यह है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' की कहानी को 'स्त्री उन्मुख' बताते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया है। और लगभग 30 देशों की महिलाएं स्त्री व्देष, लिंग आधारित हिंसा और ट्रंप के लैंगिक भेदभाव के विरोध में आज ही के दिन अंतरराष्ट्रीय हड़ताल कर रही है।
असल में महिलाओं का संघर्ष तो कोख से ही शुरु हो जाता है। घरवाले की अनुमति मिलने पर ही वो इस दुनिया में आ सकती है। कन्या-भ्रूण होने के बावजूद जन्म लेकर, महिलाएं अपने जीवन की पहली लड़ाई जीतती है। फ़िर महिलाओं का पालन-पोषण, पढ़ाई, नौकरी, सपने और लक्ष्य... मतलब जीवन के हर मोड पर उसे किसी न किसी के मर्ज़ी के मोहर की आवश्यकता होती है।
मैं अपने सभी सहेलियों से कहना चाहती हूं कि ‘स्त्री होने के बावजूद’ भी हम किसी भी तरह से पुरुषों से कम नहीं है। वास्तव में कम होना, कम मानने पर निर्भर है। कम समझा जाना पहले खुद के दिमाग में उपजता है और फ़िर दूसरे की सोच में शामिल होता है। स्त्री-पुरुष असमानता की जड़े बचपन में ही पनपती है। बच्चे जो देखते है, वही सीखते है। जैसे आ की मात्रा सिखाने के लिए याद कराया जाता है,"राधा आ खाना बना, राजा आ खाना खा..." इससे बच्चों की धारणा बनती है कि राधा (याने स्त्री) का काम खाना बनाना है। शिक्षा के इस तरह के पारम्पारिक उदाहरण बदलने की जरुरत है। अब समय आ गया है कि हम उपदेश देना बंद करें और अपने स्तर पर कुछ शुरवात करें। लोगों की दोहरी मानसिकता सिर्फ़ अच्छी पढ़ाई से नहीं बदल सकती।

<<< पूरी जानकारी के लिए 'आपकी सहेली' ब्लॉग पर जाएं >>>



ज्योति देहलीवाल जी एक गृहणी है और महाराष्ट्र में निवारसरत है। आप 2014 से ब्लॉग लिख रही है। उनके ब्लॉग पर विभिन्न विषयों से संबधित रोचक जानकारियां और सामाजिक व घरेलू टिप्स आदि ढ़ेरो जानकारीवर्द्धक लेखो की काफी लम्बी श्रृखला है। ज्योति जी से ई-मेल jyotidehliwal708@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है और उन्हे Facebook पर फालो कर सकते है।


यदि आप भी अपनी ब्लॉग पोस्ट को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना चाहते है। तो अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की जानकारी या सूचना हमें दें। अपनी ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने के लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल और अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी एवं फोटो सहित हमें - iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।

No comments:
Write टिप्पणियाँ


Blog this Week

loading...