01 April, 2017

आधी आबादी है नारी, आधी संसद मे आने दो | अभिव्यक्ति


दुनिया के पुरुषों मत समझो
नारी हूं तो झुक जाउंगी
समझौते,त्याग के पन्ने पर
मेरी जीवन गाथा लिखी गयी
जौहर मेरा ही सदा हुआ 
बन सती आग मे मै ही जली
अग्निपरीक्षा अस्मत की,
हर काल मे मेरी होती रही
कहते हो स्वयं को 'सर्वश्रेष्ठ'
नारी को 'अबला' नाम दिया 
उसके प्रेम,समर्पण को,
अपना अधिकार समझते हो
अस्तित्व नही समझा उसका
ईश्वर का इच्छित फल समझा
सदियोंं का शोषण खतम हो रहा
क्यों तुमको स्वीकार नही?

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें >>>



अनिशा सिंह जी अंग्रेजी की प्रवक्ता हैं और कविताएं लिखना उनका शौक है। अनिशा जी ने हाल ही में ब्लॉग लेखन शुरू किया है। उनका कहन है कि जो भी मै महसूस करती हूं, उसे शब्दों में पिरोकर कविता का रूप दे देती हूँ। आपसे ई-मेल poetessanisha@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है। 


यदि आप भी अपनी ब्लॉग पोस्ट को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना चाहते है। तो अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की जानकारी या सूचना हमें दें। अपनी ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने के लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल और अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी एवं फोटो सहित हमें - iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।

No comments:
Write टिप्पणियाँ


Blog this Week

loading...