09 May, 2017

Dr. T.S. Daral - Blogger of the Month for April 2017


ब्लॉगर ऑफ द मंथ में इस माह आपको डा. टी. एस. दराल जी से परिचय कराने जा रहे है, जो मेडिकल डॉक्टर, न्युक्लीअर मेडीसिन फिजिशियन है। उन्हे ओ.आर.एस. पर शोध में गोल्ड मैडल और एपीडेमिक ड्रोप्सी पर डायग्नोस्टिक क्राइटेरिया पर सरकार से स्टेट अवार्ड प्राप्त भी हुआ है। उन्होने नव कवियों की कुश्ती में प्रथम पुरूस्कार भी प्राप्त किया है।
वर्तमान में डॉ. टी. एस. दराल नई दिल्ली में रह रहे है। 3 जनवरी 2009 को नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ ब्लॉगिंग की दुनिया में प्रवेश करने वाले डा. दराल जी आजतक लगातार अपने व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर 'अर्न्तमंथन' ब्लॉग लिख रहे है। उनके ब्लॉग 'अर्न्तमंथन' की पंचलाइन है "अपना तो उसूल है, हंसते रहो, हंसाते रहो। जो लोग हंसते हैं, वो अपना तनाव हटाते हैं, जो लोग हंसाते हैं, वो दूसरों के तनाव भगाते हैं"। उन्होने अपनी पहली ब्लॉग पोस्ट भी इस तरह से लिखी है कि लगता है ब्लॉग की पंचलाइन से प्रेरित हो। पेश है उनकी पहली ब्लॉग पोस्ट...

नव वर्ष 2009 के लिए शुभकामनाएं

कामना करता हूँ कि इस नए साल में सबके जीवन में:
हँसी के फुव्वारे हो, खुशी के गुब्बारे हो,
न सीमा का विवाद हो, न मुंबई सा आतंकवाद हो!
और इस नए साल में मुक्ति मिले
भूखों को भूख से, घूसखोरों को घूस से,
किसानो को कर्ज से, मरीजों को मर्ज से ,
गरीबों को कुपोषण से, शरीफों को शोषण से!
कंजूसों को खर्चों से, छात्रों को पर्चों से,
बाबुओं को फाइलों से, अस्पतालों को घायलों से,
चुनाओं को फर्जी वोटों से, देश को नकली नोटों से!

पूरी रचना पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

उन्होने अब तक 536 ब्लॉग पोस्ट लिखी है और उनकी ज्यादातर पोस्ट सामाजिक जन चेतनाओं को लेकर है। इसके अलावा डा. दराल कविताओं, व्यंग्य, यात्रा वृतांत भी लिखे है तो मोटिवेशनल लेख में उन्होने कोई कसर नहीं छोड़ी है, उनके लेख प्रेरक है या कह सकते है कि उन्होने अपने लेखों के माध्यम से नवयुवकों को भी एक लक्ष्य की ओर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है। डा. दराल ने महिलाओं के स्वास्थय और विकास पर अपनी लेखनी चलाई है तो युवाओ के लिए भी उनकी लेखनी से प्रेरक लेख निकले है। डा. दराल के ब्लॉग की एक खासियत यह भी है कि यहां पर लंबे-लंबे उबाऊ लेख नही है, बहुत कम शब्दों में अपनी बात कह देते है।
उनके ब्लॉग की सबसे ताजा रचना शहर के नालो को लेकर है जिसमें उन्होने इन नालों के नुकसान के बारे में बता रहें है और कुछ सुझाव दे रहे है। आईये पढ़ते है नजर डालते है नालों पर लिखी नई ब्लॉग पोस्ट की पहले इंट्रो पर...

हमारे सुन्दर शहर के गंदे नाले...

कितने गंदे होते हैं शहर मे बहने वाले गंदे नाले!
जाने कैसे रहते हैं नाले के पडोस मे रहने वाले!!
इक अजीब सी दुर्गंध छाई रहती है फिजाओं मे,
जाने कौन सी गैस समाई रहती है हवाओं मे !!!

पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए अर्न्तमंथन ब्लॉग पर जाएं।

डा. टी. एस. दराल जी से ई-मेल tsdaral@yahoo.com पर संपर्क किया जा सकता है।

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