03 May, 2017

हौंसले | ब्लॉग ऊंचाईयां


अच्छा हुआ मेरी परवरिश
तूफानों के बीच हुयी।
जब मेरी परवरिश हो रही थी
बहुत तेज आँधियाँ चल रही थीं,
तूफानों ने कई घर उजाड़ दिये थे।

क्या कहूँ तूफ़ान ने मेरा घर भी उजाड़ा
मेरा सब कुछ ले लिया,
मुझे अकेला कर दिया,
ना जाने तूफ़ान की मुझसे क्या दुश्मनी थी
मुझे अपने संग नहीं ले गया,
मुझे दुनियाँ की जंग लड़ने को अकेला छोड़ गया।

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श्रीमती रितु आसूजा जी सन 2013 से ब्लॉग लिख रहीं है और तब से लेकर अब तक प्रेरक और समाजिक लेखन के जरिए ब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उनसे ई-मेल ritu.asooja1@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। रितु जी काे फेसबुक पर फालों करने के लिए यहां क्लिक करें।


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