04 June, 2017

जानिए 11 पुरानी मान्यताओं, रीति-रिवाजों के धार्मिक एवं वैज्ञानिक कारण | आपकी सहेली


सदियों से हम ऐसी बहुत सी मान्यताओं और  रीति-रिवाजों का पालन करते आ रहे हैं, जिनके धार्मिक एवं वैज्ञानिक कारणों के बारे में हमें जानकारी नहीं है। जैसे मांग में सिंदूर लगाना, गाय को एक पवित्र प्राणी मानना और दक्षिण दिशा की ओर सिर रख कर सोना आदि। इन सभी मान्यताओं के पिछे कुछ न कुछ कारण हैं। आइए, जानते हैं इन मान्यताओं के पिछे के धार्मिक एवं वैज्ञानिक कारण।

1) मांग में सिंदूर लगाना

हमारे यहां मांग में सिंदूर लगाना शादीशुदा महिलाओं की पहचान है। विवाहित स्त्रियां हमेशा अपनी मांग में सिंदूर मस्तिष्क के बीच में भरती हैं। कुंवारी लड़कियों की तुलना में विवाहित महिलाओं की जिम्मेदारियां ज्यादा होने से उन्हें ज्यादा तनाव झेलना पड़ता हैं। सिंदूर से महिलाओं के मस्तिष्क का तनाव कम होता है। सिंदूर महिलाओं के शरीर की विद्युकीय उर्जा को नियंत्रित करता है तथा मर्मस्थल को बाहरी दुष्प्रभाओं से बचाता हैं।

2) गाय एक पवित्र प्राणी है

गाय को हम माता कहते हैं। हाल ही में राजस्थान हाई कोर्ट के जज महेशचंद्र शर्मा ने गाय को राष्ट्रीय पशु बनाए जाने का सुझाव दिया हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गाय को पवित्र क्यों माना जाता हैं? वास्तव में धरती पर गाय एकमात्र प्राणी है जो कार्बनडाई ऑक्साइड लेता है और ऑक्सीजन छोड़ता हैं। गाय की पीठ पर रीढ़ की हड्डी में स्थित सूर्यकेतु स्नायु हानिकारक विकिरण को रोक कर वातावरण को स्वच्छ बनाते हैं। गाय का दूध इतना ज्यादा पौष्टिक और पाचक होता है कि छोटा बच्चा भी उसे आसानी से पचा सकता है। इसलिए गाय को पवित्र माना जाता हैं।

<<< पूरा लेख पढ़ने के लिए 'आपकी सहेली' ब्लॉग पर जाएं >>>



ज्योति देहलीवाल जी एक गृहणी है और महाराष्ट्र में निवारसरत है। आप 2014 से ब्लॉग लिख रही है। उनके ब्लॉग पर विभिन्न विषयों से संबधित रोचक जानकारियां और सामाजिक व घरेलू टिप्स आदि ढ़ेरो जानकारीवर्द्धक लेखो की काफी लम्बी श्रृखला है। ज्योति जी से ई-मेल jyotidehliwal708@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है और उन्हे Facebook पर फालो कर सकते है।


यदि आप भी अपनी ब्लॉग पोस्ट को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना चाहते है। तो अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की जानकारी या सूचना हमें दें। अपनी ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने के लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल और अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी एवं फोटो सहित हमें - iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।

No comments:
Write टिप्पणियाँ


Blog this Week

loading...