11 September, 2017

लक्ष्य का निर्धारण | शर्मा 256 ब्लॉग


लक्ष्य,
हम सभी ने मनुष्य रूप में इस पृथ्वी पर जन्म लिया है।भारतीय शास्त्र के अनुसार हमें मनुष्य का शरीर हमारे पूर्व जन्मों के कर्मों के आधार पर प्राप्त होता है तथा हमारे पूर्व जन्म के कर्म ही हमारे पुनर्जन्म का निर्धारण करते हैं। जिस धरती पर हमने जन्म लिया है यह हमारी कर्मभूमि कहलाती है हम इस धरती पर कर्म करने आए हैं महाभारत काल में श्रीकृष्ण ने भी गीता के उपदेश में अर्जुन से कहा है कि "हे,अर्जुन तुम कर्म करो फल की चिंता मत करो।"
हम सभी अपने जीवन में कुछ न कुछ प्राप्त करना चाहते हैं। हमारा सबका कोई न कोई ध्येय है। हम सभी इस बहुमूल्य जीवन को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहते। हमें जीवन को सार्थक बनाने के लिए जीवन में कुछ न कुछ लक्ष्य का निर्धारण करना होता है।
वर्तमान समय में हम लक्ष्य निर्धारण स्वयं की तर्कशक्ति से नहीं करते हम दूसरे के लक्ष्य को अपना लक्ष्य बनाते हैं लक्ष्य का निर्धारण स्वयं के दिलचस्पी के आधार पर करना चाहिए नाकि दूसरों को देख कर भेड़-चाल का हिस्सा बनना चाहिए।



मध्य प्रदेश के शिवम शर्मा एक विद्यार्थी है और उन्हाेने जून 2017 से ब्लॉग लिखना शुरू किया है। ब्लॉगर से ई-मेल shivam256sharma@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है। 


यदि आप भी अपनी ब्लॉग पोस्ट को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना चाहते है। तो अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की जानकारी या सूचना हमें दें। अपनी ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने के लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल और अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी एवं फोटो सहित हमें - iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।

No comments:
Write टिप्पणियाँ


Blog this Week

loading...