04 September, 2017

भारत की बेटी और प्रधानमंत्री का मौन | ब्लॉग हिन्दी-आभा*भारत


भारत की एक त्रस्त बेटी ने 
आख़िरी उम्मीद के साथ
पितातुल्य 
देश के रहबर / प्रधानमंत्री को 
गुमनाम ख़त में 
अपनी गरिमा और अस्मिता पर 
हुई बर्बरता
परिवार की अंधश्रद्धा
पारिवारिक विवशता 
ख़तरे में जान ख़ुद व परिवार  
साथियों पर हुए घोर अत्याचार 
धर्म के नाम पर काला कारोबार 
सब कुछ तो लिख दिया था 
साफ़-साफ़
तीन पन्नों में 
अपने नाम के सिवाय।

बस उससे एक भारी भूल (?) हुई 
एक प्रति उसने 
न्यायालय को भी भेज दी 
पीएमओ ख़ामोश रहा 
न्यायालय ने 
उस ख़त में लिपटी चीख को 
शिद्दत से महसूस किया 
सीबीआई जांच का आदेश दिया।

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रविन्द्र सिंह यादव जी का परिचय उन्ही के शब्दों में : कविता, कहानी और लेख लिखते-लिखते समझ विकसित हुई तो पाया जीवनचर्या के लिए केवल लेखन कार्य पर निर्भर रहना नादानी है। वर्तमान में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के तौर पर नई दिल्ली में निजी संस्थान में कार्यरत। इटावा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल (महाराजपुरा, तहसील चकरनगर) में 14 जनवरी 1968 जन्म। म. प्र. के कई ज़िलों में रहकर शिक्षा प्राप्ति। आकाशवाणी ग्वालियर म.प्र. से 1992-2003 के बीच कविता, कहानी, वार्ता, विशेष कार्यक्रम आदि का नियमित प्रसारण। ग्वालियर से प्रकाशित होने वाले विभिन्न दैनिक समाचार-पत्रों में लेख व कविताओं का प्रकाशन।


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