26 September, 2017

हनुमान जी ने रखी भक्तों की लाज और चमत्कार कर ही दिया | ब्लॉग आपकी सहेली


 घटना 9 दिसम्बर,1997 की हैं। शेगांव से 55 कि.मी. की दूरी पर वारी में दुर्गम पहाडियों पर हनुमान जी का मंदिर हैं। ऐसा कहा जाता हैं कि हनुमान जी की इस मुर्ति को रामदास स्वामी जी ने पत्थरों को तराशकर स्वयं बनाया था। इस मंदिर में जाने के लिए एक पहाडी उतरकर नदी को पार कर कर दुसरी पहाड़ी पर जाना पड़ता हैं। पहली पहाड़ी का रास्ता ज्यादा उबड़-खाबड़ होने से ये पहाड़ी उतरने में बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता था। खासकर बुजूर्गों और बच्चों को तो बहुत ही परेशानी होती थी। मेरे पापाजी के मन में हनुमान जी के लिए अपार श्रद्धा होने से इतना दुर्गम रास्ता होने के बावजूद, हम सपरिवार कई बार वारी के उस हनुमान मंदिर में जाते थे। रास्ते की दुर्गमता से आनेवाले भक्तों की कठिनाइयों को देखते हुए पापाजी ने पहली पहाड़ी पर सीढ़िया बनवाई।
इन सीढ़ियों के लोकार्पण कार्यक्रम हेतु भजन सम्राट अनुप जलोटा जी को बुलाया था। यह अनुप जलोटा जी का पहला कार्यक्रम था जो बिना टिकट और पहाड़ी पर खुले मैदान में था। लगभग 16-17 हजार लोग कार्यक्रम हेतु आए थे। कार्यक्रम के पहले दिन अचानक मुसलाधार बारिश शूरू हो गई। इंद्र देवता अपना रोद्र रूप दिखा रहे थे! सभी ओर पानी ही पानी! फ़िर भी मन में आशा थी की सुबह तक पानी रूक जाएगा। लेकिन इंद्र देवता तो अपने पानी का नल चालू कर कर बंद करना ही भूल गए। हम सब की पुकार उन के कानों तक पहूंच ही नहीं रही थी। सुबह हो गई लेकिन मुसलाधार पानी भी शुरू और लोगों का आना भी शुरू...ऐसा लग रहा था कि पानी और लोगों के बीच एक तरह की स्पर्धा चालू हैं कि पानी ज्यादा बरसता हैं कि लोग ज्यादा आते हैं? सभी आसपास के गांवो से स्पेशल सरकारी बसों का इंतजाम किया गया था लेकिन पानी इतना था कि बस स्टैंड तक आने में भी सभी को नानी याद आ रही थी। फ़िर भी वारी के हनुमान जी के प्रति श्रद्धा एवं अनुप जलोटा जी जैसे भजन सम्राट के भजन प्रत्यक्ष सुनने मिलेंगे और वो भी मुफ़्त में इस आशा से लोगो का अनवरत आना शुरू था। सुबह 6 बजे मंदिर में पहुंचने के बाद मम्मी-पापा ने हनुमान जी को हाथ जोड़ कर विनंती की, “हे हनुमान जी, अब सब कुछ आपके हाथ में हैं। यह कार्यक्रम हमारा नहीं हैं। यह आपका कार्यक्रम हैं और इसे पार भी आपको ही लगाना पड़ेगा!’’

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ज्योति देहलीवाल जी एक गृहणी है और महाराष्ट्र में निवारसरत है। आप 2014 से ब्लॉग लिख रही है। उनके ब्लॉग पर विभिन्न विषयों से संबधित रोचक जानकारियां और सामाजिक व घरेलू टिप्स आदि ढ़ेरो जानकारीवर्द्धक लेखो की काफी लम्बी श्रृखला है। ज्योति जी से ई-मेल jyotidehliwal708@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है और उन्हे Facebook पर फालो कर सकते है।


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