25 September, 2017

सरकारी बंद लिफ़ाफ़ा | ब्लॉग हिन्दी-आभा*भारत


एक एनजीओ की याचिका पर

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने

भारत सरकार को आदेश दिया
 
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड  ने

कल 105 क़ानून बनाने वाले आदरणीयों (?) के नाम का

सीलबंद लिफ़ाफ़ा शीर्ष अदालत को सौंप दिया।


इन पर आरोप है कि

चुनाव जीतते ही इनकी संपत्ति में

500 से 1200 प्रतिशत तक का इज़ाफ़ा हुआ है

देश को ऐसा आश्चर्य पहली बार नहीं हुआ है। 

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रविन्द्र सिंह यादव जी का परिचय उन्ही के शब्दों में : कविता, कहानी और लेख लिखते-लिखते समझ विकसित हुई तो पाया जीवनचर्या के लिए केवल लेखन कार्य पर निर्भर रहना नादानी है। वर्तमान में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट के तौर पर नई दिल्ली में निजी संस्थान में कार्यरत। इटावा उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल (महाराजपुरा, तहसील चकरनगर) में 14 जनवरी 1968 जन्म। म. प्र. के कई ज़िलों में रहकर शिक्षा प्राप्ति। आकाशवाणी ग्वालियर म.प्र. से 1992-2003 के बीच कविता, कहानी, वार्ता, विशेष कार्यक्रम आदि का नियमित प्रसारण। ग्वालियर से प्रकाशित होने वाले विभिन्न दैनिक समाचार-पत्रों में लेख व कविताओं का प्रकाशन।


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