20 December, 2017

अमीरी | ब्लॉग ऊंचाईयाँ


अगर विचार ही संकीर्ण हों तो,
कोई क्या करे
विचारों की अमीरी ने अपने जुनून और
कर्मठता के बल पर, कई लोगों को बादशाह
बना दिया इतिहास इसका गवाह है।

निर्धनता को दूर किया जा सकता है
धनकमा कर ..निर्धन होना इतना बुरा नहीं
क्योंकि परमात्मा द्वारा मनुष्य को
आत्मबल की जो अमूल्य सम्पदा प्राप्त है
उसके उचित उपयोग द्वारा निर्धन धनवान बन सकता है

परन्तु ग़रीबी ........ग़रीबी तो पनपती है मनुष्य के मन में

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श्रीमती रितु आसूजा जी सन 2013 से ब्लॉग लिख रहीं है और तब से लेकर अब तक प्रेरक और समाजिक लेखन के जरिए ब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उनसे ई-मेल ritu.asooja1@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। 


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