24 December, 2017

वो आखरी खत जो तुमने लिखा था | ब्लॉग मन से


वो आखरी खत जो तुमने लिखा था 
तेरे हर खत से कितना जुदा था 

मजबूरियों का वास्ता देकर मुकर जाना तेरा 
गुनहगार वो वक़्त था या खुदा था 

बड़ी मुश्किल से संभाला था खुद को 
वो पल भी मुश्किल बड़ा था 

शिकायत करते तो किस से करते 
जब अपना मुकद्दर ही जुदा था

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नीतू ठाकुर जी ने अक्टूबर 2017 में ब्लॉग लेखन शुरू किया है। अब तक आप अन्य समूह ब्लॉगों, चर्चा मंचों एवं वेब पत्रिकाओं में निरंतर सक्रिय रहती है।  


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