20 January, 2018

पैरालाइज्ड होने के बावजूद 7 साल से बिस्तर पर लेटकर चला रही हैं स्कूल | ब्लॉग आपकी सहेली


हम अक्सर जरा सी मुश्किलों से ही हिम्मत हार जाते हैं। मुश्किलों से लड़ने की बजाय ईश्वर को और अपने आप को कोसने लगते हैं। हम अक्सर ये वाक्य दोहराते हैं कि यदि मेरे साथ ऐसा नहीं होता तो मैं ज़रुर ऐसा करती/करता...। लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके शब्दकोश में ऐसे नकारात्मक शब्द हैं ही नहीं। 'आपकी सहेली' की हमेशा कोशिश रहती हैं कि ऐसे प्रेरणादायक लोगों से मैं आप सबको मिलवाऊं ताकि हम सब उनसे प्रेरणा ले सके। तो आइए, आज हम मिलेंगे ऐसी ही एक सुपर हीरोइन सहारनपुर के नैशनल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल उमा शर्मा (64) से।
पिछले 7 वर्षों से उमा के गले से लेकर निचला भाग पूरी तरह से पैरालाइज्ड हैं और वह बिस्तर पर लेटी ही रहती हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की पूरी तरह बिस्तर पर होने के बावज़ूद वे स्कूल चला रहीं हैं! उमा जी पर लगातार एक के बाद एक दुखों के पहाड़ टुट पड़े। 1991 में उनके पति का निधन हो गया। इसके बाद 2001 में उनके एकलौते बेटे राजीव (21) का निधन हो गया। इन दोनों हादसों से वे अपने आप को संभाल ही रही थी कि 2007 में वे आंशिक पैरालिसिस का शिकार हो गई। उनकी हालत लगातार ख़राब होती चली गई और 2010 में वे पूरी तरह पैरालाइज्ड हो गई। वह सिर्फ़ अपना सिर और हाथों को ही हिला सकती हैं! इतने सारे दु:ख कम ही थे जो 2010 में ही उनकी बेटी ऋचा की भी मौत हो गई!!

<<< अन्य कोटस पढ़ने के लिए 'आपकी सहेली' ब्लॉग पर जाएं >>>



ज्योति देहलीवाल जी एक गृहणी है और महाराष्ट्र में निवारसरत है। आप 2014 से ब्लॉग लिख रही है। उनके ब्लॉग पर विभिन्न विषयों से संबधित रोचक जानकारियां और सामाजिक व घरेलू टिप्स आदि ढ़ेरो जानकारीवर्द्धक लेखो की काफी लम्बी श्रृखला है। ज्योति जी से ई-मेल jyotidehliwal708@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है और उन्हे Facebook पर फालो कर सकते है।


यदि आप भी अपनी ब्लॉग पोस्ट को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना चाहते है। तो अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की जानकारी या सूचना हमें दें। अपनी ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने के लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल और अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी एवं फोटो सहित हमें - iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।

No comments:
Write टिप्पणियाँ