23 February, 2018

परिवर्तन शाश्वत है | ब्लॉग ऊंचाईयाँ


परिवर्तन प्रकृति का नियम है।
परिवर्तन ना होने पर जड़ता का
अनुभव होने लगता है ।
जड़ता में सुन्दरता का क्षय होना स्वाभाविक है ।

मौसम में परिवर्तन इसका शाश्वत उदहारण है ।
मौसम में परिवर्तन होता है तो, प्रकृति खिलती है
फ़सल लहलहाती है ।

 फलतःपरिवर्तन शुभ का संकेत है
 वस्तुतः परिवर्तन सही दिशा में हो ।

 परिवर्तन में नवीनता भी निश्चित है
 नवीनता का स्वागत करें, मर्गदर्शन करें

आवयश्क नहीं जो कठिन है, जटिल है वही
सही है।

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए 'ऊंचाईयां' ब्लॉग पर जाएं >>>



श्रीमती रितु आसूजा जी सन 2013 से ब्लॉग लिख रहीं है और तब से लेकर अब तक प्रेरक और समाजिक लेखन के जरिए ब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उनसे ई-मेल ritu.asooja1@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। 


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