03 March, 2018

मनमीत मै तेरा गीत बनूँ | ब्लॉग मन से


मनमीत मै तेरा गीत बनूँ 
संगीत बने एहसास 
है मन में बस इतनी सी आस 
रहूँ मै हर पल तेरे पास 

दो नैनों की डोली में 
मै कितने ख्वाब सजा बैठी 
तेरे प्रीत में ऐसे रंगी 
सारे रंग भुला बैठी 
जब तक तन में साँस है बाकी 
तब तक है विश्वास 
रहूँ मै हर पल तेरे पास ..... 

अब न कोई राँझा है और 
ना है हीर दिवानी 
बरसों पहले ख़त्म हुई हैं 
प्रेम की अमर कहानी 
अपने अनुरागी मन का 
दुनिया न करे उपहास 
रहूँ मै हर पल तेरे पास  .....

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए 'मन से' ब्लॉग पर जाएं >>>



नीतू ठाकुर जी ने अक्टूबर 2017 में ब्लॉग लेखन शुरू किया है। अब तक आप अन्य समूह ब्लॉगों, चर्चा मंचों एवं वेब पत्रिकाओं में निरंतर सक्रिय रहती है।  


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