Blog Review - November 11, 2018

Blog of the Week : Chidiya by Meena Sharma

इस सप्ताह ब्लॉग ऑफ द वीक में हम आपको ब्लॉग ‘चिड़िया’ पर ले जा रहे है। ब्लॉग ‘चिड़िया’ का संचालन मीना शर्मा जी कर रहीं है। मीना जी ने इस ब्लॉग पर लेखन कार्य 2016 में शुरू किया था। उन्होने अपने ब्लॉग पर अबतक लगभग 180 पोस्ट प्रकाशित की है। महाराष्ट्र के जिला ठाणे की रहने वाली मीना जी वर्तमान में शिक्षण कार्य से जुड़ी हुई है।

ब्लॉग चिड़िया कविता प्रधान ब्लॉग है। यहां पर आप विभिन्न विषयों से संबधित कविताओं का आनंद उठा सकते है। ‘बंदी चिड़िया’ शीर्षक से अपने ब्लॉग की शुरूवात करने वाली मीना जी ने काफी कम समय में पाठकों के दिलों दिमाग पर राज करना शुरू कर दिया है या कहे कि पाठकों को उनकी रचनाएं बहुत पसंद आई है, जो उनकी रचनाओं को हाथो हाथ लिया है।

मीना जी के ब्लॉग पर प्रकाशित होने वाली रचनाओं के विषयों की बात करें तो उन्होने प्रकृति से लेकर परिवार के रिश्तों को अपनी रचनाओं में स्थान दिया है। ध्यान से देखे तो उन्होने प्रकृति की सुन्दरताओं पर अधिक ध्यान देने का प्रयास किया है। वहीं उन्होने अपनी रचनाओं में परिवार के छोटे-बड़े रिश्तों पर भी भावनात्मक रचनाएं लिखी है। लेकिन हमें सबसे ज्यादा जो पसंद आई वो रचना है “पापा, आपने कहा था….”। हम तो पढ़कर बहुत अच्छी रचना लगी। आप भी पढ़कर बताईयेगा कैसी लगी?

हमने ब्लॉग “चिड़िया” का ध्यान से अवलोकन किया, हमने पाया कि उन्होने अपने ब्लॉग पर रचनाओं को थोपा नहीं है, ना ही पब्लिसिटी के लिए रचनाओं का ढ़ेर लगाया, बल्कि उन्हे गढ़ा है अपने अनुभवों से। मीना जी ने अपनी एक-एक रचना को काफी समय दिया है। मतलब कि उन्होने प्रत्येक माह में 5-9 कविताएं प्रकाशित की है, जो उनके रचनाधर्मिता के प्रति समपर्ण को दर्शाता है।

मीना जी 55 रचनाएं काव्य संकलन के रूप में प्रकाशित हुई है, जिसका शीर्षक “अब मै ना रूकूंगी” है। हमारे अनुसार मीना जी ने काव्य संग्रह का शीर्षक 2 दिसम्बर 2016 को प्रकाशित रचना ‘अब ना रुकूँगी!’ को ध्यान में रखा है। प्रकाशित काव्य संग्रह के संबंध में आप अधिक जानकारी मीना शर्मा जी से प्राप्त कर सकते है।

मीना जी के ब्लॉग की शुरूवाती दिनों की यादें ताजा करने के लिए उनके ब्लॉग से पहली ब्लॉग पोस्ट की कुछ लाइने आपके लिए पेश कर रहें है।

सोने का पिंजरा था,
पिंजरे में चिड़िया थी,
पिंजरा था खिड़की के पास !
फिर भी चिड़िया रहती थी उदास।

हर सुविधा थी, सुख था,
पानी और दाना था,
लेकिन चिड़िया को तो
बाहर ही जाना था,
लड़ना तूफानों से
खतरे उठाना था,
बंधन खुलने की थी आस!
चिड़िया रहती थी उदास।

CLICK HERE TO READ BLOG ‘CHIDIYA’

Blog Overview

Blog

चिड़िया

Since

12 June 2016

Language

Hindi

Type

Poetry Blog

Total Post

181 Post

Blogger

मीना शर्मा

Owner Mail

उपलब्ध नहीं।

 

आपको कैसा लगा Blog of the Week में मीना शर्मा जी के ब्लॉग ‘चिड़िया’ के बारे में जानकार हमें जरूर बताएं आैर मीना जी को भी।



5 Comments

  1. आप ने बहुत सही व्याख्या दी है, मीना शर्मा जी के ब्लॉग की. मैं इस ब्लॉग का नियमित पाठक रहा हूँ और आपकी समीक्षा से संपूर्णतः सहमत हूँ.
    सादर,
    अयंगर

  2. प्रिय मीना जी को हार्दिक बधाई और शुभकामनायें | सचमुच उनकी रचनाएँ बहुत ही हृदयस्पर्शी होती हैं | अनेक रचनाएँ तो साहित्य की अनमोल थाती हैं | मीना बहन बधाई हो | मेरा प्यार खास आपके लिए इस उपलब्धि पर !!!!!!!!!!!

  3. वाह!!मीना जी हार्दिक शुभकामनाएं । मीना जी की रचनाएं बहुत ही उम्दा होती है ।

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