Articles - August 14, 2018

व्यंग- हम सब आजाद हैं… | ब्लॉग आपकी सहेली

”आज आप सुबह-सुबह इतनी तन्मयता से क्या लिख रहें हो?” शिल्पा ने अपने पति से पूछा।
”15 अगस्त याने स्वतंत्रता दिन आने वाला हैं न…तो अबकि बार अपनी सोसायटी ने आज़ादी का ज़ोरदार जश्न मनाने का फैसला किया हैं। सोसायटी का प्रेसिडेंट होने के नाते मुझे भाषण देना पडेगा, उसी की तैयारी कर रहा हूं। मैं स्कूल कॉलेज में भी स्टेज पर कभी दो शब्द नहीं बोला। इसलिए थोड़ी घबराहट हो रहीं हैं। सोच रहा हूँ कि भाषण अच्छे से तैयार कर-कर याद भी कर लूं ताकि घबराहट के मारे वक्त पर कोई गड़बड़ न हो।”
”हाँ, बात तो बिल्कुल सहीं हैं। प्रेसिडेंट का भाषण तो खास होता हैं। हमें इतनी मुश्किल से स्वतंत्रता मिली हैं, तो उसका जश्न भी ज़ोरदार ही होना चाहिए। लेकिन एक बात बताउं जी…मुझे तो स्वतंत्रता की जगह तंत्र-मंत्र की दुनिया ही ज्यादा नजर आती हैं। टी.वी. पर ताबूत, डोरे और लाल किताब बिक रहीं हैं…रोज सुबह राशि के अनुसार भविष्य बताया जाता हैं…नेता लोग हर रोज नए-नए मंत्र देकर जनता को बेवकूफ़ बना रहे हैं…हमारे देश में सहीं मायने में कुछ भी करने के लिए सब आज़ाद हैं!!”

”अरे भागवान, तुम कहना क्या चाहती हो?”
”मैं क्या कहती हूँ जी…हमारे भारत देश के लोग जितने आज़ाद हैं न, शायद उतने आज़ाद दुनिया के किसी भी देश के लोग नहीं होंगे! आजादी तो सही मायने में सिर्फ़ और सिर्फ़ हमें ही मिली हैं!”
”मैं अभी भी तुम्हारे कहने का मतलब नहीं समझा।”
”मैं आपको बताती हूं कि हमारे यहाँ हम सब कितने आज़ाद हैं…”

CLICK HERE TO READ THE FULL POST


ज्योति देहलीवाल जी एक गृहणी है और महाराष्ट्र में निवारसरत है। आप 2014 से ब्लॉग लिख रही है। उनके ब्लॉग पर विभिन्न विषयों से संबधित रोचक जानकारियां और सामाजिक व घरेलू टिप्स आदि ढ़ेरो जानकारीवर्द्धक लेखो की काफी लम्बी श्रृखला है। ज्योति जी से ई-मेल jyotidehliwal708@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है और उन्हे Facebook पर फालो कर सकते है।
SourceAapki Saheli


1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *