Poem - March 7, 2018

अब इसमें क्या अच्छा है?… | ब्लॉग नई सोच

जो भी होता है अच्छे के लिए होता है

     जो हो गया अच्छा ही हुआ।
जो हो रहा है वह भी अच्छा ही हो रहा है।
  जो होगा वह भी अच्छा ही होगा……
    अच्छा ….अच्छा ….. अच्छा…….!!!
“जीवन में सकारात्मक सोच रखेंगे
………..तो सब अच्छा होगा” !!!
          मूलमंत्र माना इसे मैने….
और अपने मन में, सोच में , व्यवहार में
         भरने की कोशिश भी की….
परन्तु हर बार कुछ ऐसा हुआ अब तक,
         कि प्रश्न किया मन ने मुझसे ,
         कभी अजीब सा मुँह बिचकाकर…
           तो कभी कन्धे उचकाकर

       “भला अब इसमें क्या अच्छा है” ??

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए ब्लॉग ‘नई सोच’ पर जाएं >>>

 


सुधा देवरानी जी 2016 से ब्लॉगिग कर रहें है और अपनी कविताओं को नई सोच ब्लॉग के माध्यम से पाठको के बीच रख रहीं है। ब्लॉगर सुधा जी से ई-मेल sdevrani16@gmail.com पर स्म्पर्क किया जा सकता है।

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