Poem - November 13, 2017

आओ साईकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनायें | ब्लॉग ऊंचाईयाँ

आओ बच्चों इस बाल दिवस पर

 एक प्रण निभायें,चलो साईकिल चलाये
सिर्फ बाल दिवस ही नहीं,
प्रतिदिन का यह नियम बनाये
साईकिल चलायें
साईकिल को अपनी
दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
हाथ हों हैण्डल पर
पैर हों पैंडल पर
दृष्टि हो, चहुँ ओर,
आओ जीवन की
रफ़्तार बढ़ायें।
तन-और मन को स्वस्थ बनायें
शुद्ध वातावरण में श्वासों की पूंजी बढ़ायें
पेट्रोल, डीज़ल की जहरीली गैसों से

वायुमण्डल को प्रदूषित होने से बचाएं।

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए ‘ऊंचाईयां’ ब्लॉग पर जाएं >>>

 


श्रीमती रितु आसूजा जी सन 2013 से ब्लॉग लिख रहीं है और तब से लेकर अब तक प्रेरक और समाजिक लेखन के जरिए ब्लॉग जगत में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। उनसे ई-मेल ritu.asooja1@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। रितु जी काे फेसबुक पर फालों करने के लिए यहां क्लिक करें।

यदि आप भी अपनी ब्लॉग पोस्ट को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचाना चाहते है। तो अपने ब्लॉग की नई पोस्ट की जानकारी या सूचना हमें दें। अपनी ब्लॉग की पोस्ट शेयर करने के लिए अपने ब्लॉग पोस्ट का यूआरएल और अपने बारे में संक्षिप्त जानकारी एवं फोटो सहित हमें – iblogger.in@gmail.com पर ई-मेल करें।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *