Poem - November 3, 2017

बाल दिवस पर कवितायें | ब्लॉग सबका मनोरंजन

दोस्तों बाल दिवस जल्द ही आने वाला है। इसे हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है, इस दिन नेहरुजयंती भी होती है। जवाहरलाल नेहरू जी को बच्चे बेहद पसंद थे इसीलिए ही उनकी जयंती के दिन बाल दिवस मनाया जाता है। बच्चे उन्हे “चाचा  नेहरू” कहकर पुकारते थे। पूरे देश में विभिन्न स्कूलों और संस्थाओं में इस दिन को बहुत अच्छे तरीके से मनाया जाता है। बच्चों के लिए कई प्रतियोगितायेँ  तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। गरीब बच्चों को उपहार आदि भी वितरित किए जाते हैं। वास्तव में जैसा कि नेहरुजी कहते थे कि बच्चे ही देश के भावी निर्माता होते हैं, हमें बच्चों का बहुत अच्छे तरीके से पालन -पोषण करना चाहिए।
न सिर्फ परिवार के बच्चों का बल्कि समाज के हर कमजोर, गरीब बच्चे का भी खयाल रखना चाहिए, यदि कहीं भी कोई बच्चा शारीरिक या मानसिक प्रतारणा का शिकार हो रहा हो तो हमें उसे बचना चाहिये। दोस्तों बच्चे उस कच्ची मिट्टी कि तरह होते हैं जिसे जिस रूप में ढाल दो वो वैसे ही बन जाते हैं, इसलिए हमें उन पर विशिष्ट ध्यान देना चाहिए।
आज हम अपनी पोस्ट बाल दिवस पर कवितायें | poems on children’s day के जरिये बच्चों को कुछ कवितायें समर्पित करते हैं।

1.
आज तो हैं हम छोटे बच्चे
कल बनेंगे देश की शान
अपने-अपने दुर्लभ कामों से
ऊंचा करेंगे देश का नाम
खेलकूद कर और पढ लिख कर
बन जाएंगे एक योग्य इंसान
क्या अंबर और क्या धरती पर

बढ़ाएँगे भारत के झंडे का मान

<<< पूरी रचना पढ़ने के लिए ‘सबका मनोरंजन’ ब्लॉग पर जाएं >>>

 


उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की अर्चना सक्सेना जी अगस्त 2017 में ब्लॉग लेखन शुरू किया है। आपको हिन्दी कवितायें, हिन्दी भजन, हिन्दी शायरी, हिन्दी सुविचार, हिन्दी गीत, ज्ञानवर्धक लेख आदि पढ़ने को मिलेंगे।

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